तेरी दोस्ती ही तो है, मेरा सबसे बड़ा खजाना।
तू जिगरी दोस्त है, हर दर्द मेरा बाँटता है,
मुझे छोटी दो लाइन की दोस्ती शायरी कहाँ मिल सकती है?
“दोस्ती में ना कोई फ़ासला, ना कोई दूरी का ग़म।”
तू मेरा चाय का साथी, मैं तेरा पानीपुरी वाला यार,
कभी तुझे कॉल कर के कहता हूँ, “यार तेरी याद आ रही है!”
दोस्त साथ हो तो हर मंज़िल आसान लगती है।
पर अगले ही पल साथ बैठ कर हंसी के फव्वारे भी चला लेते हैं!
हमें कोई ग़म नहीं था, ग़म-ए-आशिकी से पहले
“जहाँ यादों का घर, वहीं दोस्ती का सफर।”
न थी दुश्मनी किसी से, तेरी दोस्ती से पहले
सच्ची दोस्ती हर किसी का नसीब नहीं होती
बस तू और मैं एक दूसरे को हर दिन किचन में हलचल करते रहते हैं!
अगर Dosti Shayari दोस्त न मिलते तो कभी यकीन नहीं होता,